माहे रमज़ान

रमज़ान का महीना आया हैईमान को दिल में भरने वाला हैकरना इबादत रमज़ान के शान जैसीक्योंकि ये रमज़ान सबको नसीब नहीं होता है...

कहर

खुदा का कहर भी ज़रूरी था साहबयहां हर कोई खुदा को भूल जो गया था सारांश:: खुदा का भूलने से मतलब यह है कि आज चोरी , बेईमानी , खून खराबा, आदि आम बात हो गए जिससे ये मालूम होता है कि लोग खुदा को भूल गए है । खुदा सबसे बड़ा और सबका मालिक है वो जो चाहे कर सकता है और कहा गया है...

बीमारी की मार

अमीरों के वजह से आया था जोआज गरीबों को सता रहा हैअमीर तो आराम से पकवान खा रहे हैंऔर गरीब अपने बच्चों को भूखा सुला रहा है।...

ज़िन्दगी

परेशान हर तरफ आज हर कोई हैकोई लाचार तो कोई मजबूर पैसों से हैक्या बयान करता खुद की परेशानियों कोजब देखा भूखा दस दिन के बच्चे को...