खुदा का कहर भी ज़रूरी था साहब
यहां हर कोई खुदा को भूल जो गया था

सारांश:: खुदा का भूलने से मतलब यह है कि आज चोरी , बेईमानी , खून खराबा, आदि आम बात हो गए जिससे ये मालूम होता है कि लोग खुदा को भूल गए है । खुदा सबसे बड़ा और सबका मालिक है वो जो चाहे कर सकता है और कहा गया है चोरी बेईमानी खुदा को नहीं पसंद है। जो करता है वो खुदा का बन्दा नहीं है और कोविड१९ जैसे बीमारी एक खुदा का कहर ही है