ऐ इंसान तू क्या बन गया
देखते देखते कितना बदल गया
मार जाते है लोग तेरी आंखो के सामने
तू तो बस पत्थर दिल बन गया
ऐ इंसान तू क्या बन गया
देखते देखते कितना बदल गया

क्यों तू इंसान की पहचान खो रहा
बेजुबान जानवरो को तड़पा कर मार रहा
कहता है खुद को इंसान बेशक मगर
क्या तू कोई ऐसा काम भी कर रहा
ऐ इंसान तू क्या बन रहा
देखते देखते कितना बदल रहा

खुदा की बनाई एक नायाब पहचान है तू
धरती पर सबसे बेहतर जात है तू
कर खुद ने कुछ बदलाव इस कदर
जिससे खुश रहे सब और तू भी मगर
ऐ इंसान क्या बन रहा है तू
देखते देखते कितना बदल रहा है तू